मानव इतिहास के प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित हुआ श्रीलंका
वाराणसी, मई 27 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। आधुनिक मानव ने क्या अफ्रीका से निकलकर पूरी दुनिया में पैर पसारने के लिए समुद्र के किनारों को अपना रास्ता बनाया था? दशकों से उलझी यह गुत्थी अब सुलझने लगी है। बीएचयू सहित विश्व के पांच संस्थानों के सोलह जीन वैज्ञानिकों द्वारा किए गए संयुक्त शोध में यह खुलासा हो गया है कि श्रीलंका ही मानव इतिहास का प्रवेश द्वार है।अफ्रीका से इंसानों का एक जत्था 57 हजार साल पहले हिंद महासागर के तटों के सहारे श्रीलंका पहुंचा था। तब समुद्र का स्तर बहुत कम था। उस समय भारत और श्रीलंका के बीच एक 'लैंड ब्रिज'(ज़मीनी पुल) मौजूद था। विश्व के पांच संस्थानों के 16 जीन विज्ञानियों द्वारा किए गए इस शोध को प्लस वन जर्नल में प्रकाशित किया गया है। शोध दल में बीएचयू और कोलंबो विश्वविद्यालय के शोधकर्ता प्रमुख रूप से शामिल थे। इस साझा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.