वाराणसी, अगस्त 23 -- वाराणसी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अनेक क्षेत्रों में उपयोगी साधन है, लेकिन यह कभी इंसान, पत्रकार या शिक्षक का स्थान नहीं ले सकता। एआई मानवीय नैतिक मूल्यों और संवेदनाओं का विकल्प नहीं है। ये बातें डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, बिहार के कुलपति प्रो. दिनेशचंद्र राय ने कहीं। वह बीएचयू के पत्रकारिता एवं जन संप्रेषण विभाग द्वारा 'एआई-संचालित मीडिया पारिस्थितिकी तंत्र: पत्रकारिता, जनसंपर्क, विज्ञापन, डिजिटल संचार और सतत मीडिया का भविष्य' विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह को रविवार को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता के सामने सबसे बड़ी चुनौती 'सच' को सामने लाने की है। डीपफेक और फर्जी खबरों के दौर में तथ्य-जांच पत्रकारिता का अनिवार्य दायित्व बन गया ...