मानवता की सेवा सबसे पुण्य का काम: आचार्य विकास गौतम
रांची, मई 27 -- रांची, प्रमुख संवाददाता। अपर चुटिया के साईं कॉलोनी हनुमान मंदिर में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ को विराम मिला। सात दिनी कथा को विराम मिलने से पूर्व श्रीधाम वृंदावन से आए कथावाचक आचार्य विकास गौतम ने व्यास पीठ से भक्तों को जीवन का मर्म बताया। उन्होंने कहा कि मित्रता करनी है तो श्रीकृष्ण-सुदामा की तरह करें। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में मानवता की सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। इस लिहाज से हम सभी को सामर्थ्य के मुताबिक सेवा कार्य के लिए तत्पर रहना चाहिए और जरूरतमंदों को सहयोग करने में कभी भी पीछे नहीं रहना चाहिए। विभिन्न धार्मिक प्रसंग के दौरान भजन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु झूमते रहे। यह भी पढ़ें- सुदामा चरित्र की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु कथा के बाद आरती हुई। इसके बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण हुआ। आयो...
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