मानवतावाद के पोषक जनकवि हैं कबीर : चंद्र
मुजफ्फरपुर, मई 29 -- कांटी, हिन्दुस्तान संवाददाता। साहित्य भवन कांटी में शुक्रवार को कबीर दास की जयंती मनाई गई। नूतन साहित्यकार परिषद के अध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह चंद्र ने कहा कि कबीर दास मानवतावाद के पोषक, सरल, बेबाक जनकवि थे। कबीर की रचनाएं रूढ़ियों को तोड़ती मुक्त आत्मा की कविता हैं। वे धार्मिक आडंबरों, पाखंडों, अंधविश्वासों, अनुपयोगी रीति- रिवाजों व सामाजिक भेदभाव के कट्टर विरोधी थे। स्वराजलाल ठाकुर ने कहा कि रहस्यवादी कबीर ने बाहरी आडंबर के बजाए भीतर के आत्मज्ञान को प्राप्त करने का संदेश दिया है। सेवानिवृत्त डीडीओ परशुराम सिंह ने कहा कि कबीर दास जाति, धर्म, समाज समेत सभी स्तरों पर शोषण व आडंबरों से मुक्ति के लिए टकराते व लड़ते हैं। चंद्रकिशोर चौबे ने कहा कि कबीर यथार्थवादी, कर्म प्रधान व सामानतावादी समरस समाज की स्थापना पर बल देते हैं। ...
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