मानदेय नहीं मिलने से काम छोड़ रहे स्वच्छताकर्मी, गांवों में कूड़े का अंबार
बक्सर, मई 26 -- पेज पांच के लिए ---- भुगतान नहीं 11 माह से स्वच्छता कर्मियों को नहीं मिला है मानदेय पंचायतों में कूड़ा एकत्रित करने वाले ठेला भी टूट गए नावानगर, एक संवाददाता। नावानगर व केसठ प्रखंड में लोहिया स्वच्छता अभियान की स्थिति काफी खराब है। योजना के क्रियान्वयन में अधिकारियों व पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा बरती जा रही उदासीनता से इस अभियान पर लगभग ब्रेक लग गया है। दोनों प्रखंड के लगभग सभी पंचायतों में कार्यरत स्वच्छता कर्मियों को बीते ग्यारह महीने से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। जिससे आधे से अधिक स्वच्छता कर्मी कम छोड़ चुके हैं। इस योजना के प्रति ग्रामीणों की उदासीनता भी परिलक्षित है। आबादी के 20 फीसदी लोग भी कचरा उठाव का प्रोत्साहन राशि एक रुपया का भुगतान नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण काफी लंबे समय से वेतन नहीं मिलने से स्वच्छता कर्म...
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