रांची, जून 28 -- रांची, विशेष संवाददाता। डोरंडा कॉलेज में आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापकों के मानदेय में कटौती का आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापक संघ (रांची विश्वविद्यालय इकाई) ने विरोध किया है। संघ ने इस कार्रवाई को एकतरफा, भेदभावपूर्ण और झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रावधानों के विपरीत बताते हुए इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन और विश्वविद्यालय प्रशासन का तानाशाही रवैया करार दिया है। संघ का कहना है कि आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापकों को पहले से ही तीन से चार महीने की देरी से मानदेय मिलता है। ऐसे में वेतन में कटौती करना शिक्षकों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न है। संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सवाल किया कि जिस नियम के आधार पर डोरंडा कॉलेज के शिक्षकों के वेतन में कटौती की गई, क्या वही नियम विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारि...