मुजफ्फरपुर, जनवरी 23 -- मुजफ्फरपुर। न्याय को हर घरों तक और तेज गति से सुलभ कराना सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल है। इसको लेकर देश से लेकर प्रदेश और पंचायतों तक कई उपाय किए जा रहे हैं। पंचायत स्तरीय ग्राम कचहरियों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में भी न्याय दिलाने का प्रयास शुरू किया गया है। इसके लिए बिहार पंचायत राज अधिनियम के तहत न्याय मित्रों की बहाली की गई। ये ग्रामीण इलाकों में सुलहनीय वादों को सुलझाने के लिए सरपंचों और पंचों की मदद करते हैं। इनको आर्थिक मदद के तौर पर शुरू में 2500 रुपये और अब 7000 रुपये मानदेय दिया जाता है। इनकी बहाली के समय सेवा शर्तों और अन्य सुविधाओं को लेकर कई तरह के प्रावधान किए गए। उसके बाद वर्ष 2008 से इनकी विधिवत बहाली शुरू की गई। लेकिन, 18 साल बीत जाने के बाद भी इनके मानदेय में आनुपातिक बढ़ोतरी नहीं हो पाई ...
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