बरेली, फरवरी 15 -- बरेली, मुख्य संवाददाता। प्रदूषण नियंत्रण के मानक कठोर होने के चलते जिले में ईंट भट्ठा कारोबार प्रभावित हो रहा था। पिछले वर्ष भट्ठों की संख्या कम रही। इस बार मानक पूर्ण करने के बाद दोबारा से तमाम भट्ठों का संचालन शुरू हुआ है। अभी तक 261 ईंट भट्ठा से 7.57 करोड़ रुपये की रॉयल्टी जमा हुई है। पर्यावरण से जुड़े नियमों का पालन करने में भट्ठा संचालकों को दिक्कत हो रही है। पुराने भट्ठों को जिग जैग तकनीक में अपग्रेड करने का उन पर दबाव है। मिट्टी खनन के लिए एनओसी अनिवार्य होने से भी भट्ठा संचालकों को परेशानी हो रही है। बिना एनओसी के मिट्टी उठाने पर भट्ठा बंद करने और जुर्माने तक की कार्रवाई होती रही। महंगे कोयले की मार से भी यह कारोबार प्रभावित रहा। पिछले भट्ठा वर्ष में 247 भट्ठा ही चले। इनसे करीब 6.42 करोड़ की रॉयल्टी जमा हुई। इस बार...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.