हमीरपुर, मई 17 -- जिले के हर कस्बे में कोचिंग सेंटरों की बाढ़ सी आई हुई है। जहां कोचिंग सेंटरों के मानकों को दरकिनार कर इनका संचालन किया जा रहा है। इनमें ज्यादातर के पास न पार्किंग की जगह है न अग्निशमन यंत्र है। मगर विभागीय अधिकारी इन सबसे अनजान बने हुए है। जिला मुख्यालय के विभिन्न मुहल्लों में तीन दर्जन से अधिक कोचिंग सेंटरों का संचालन हो रहा है। जिसमें ज्यादातर में आवागमन के न दो रास्ते हैं न ही बालक-बालिका के लिए अलग-अलग टॉयलेट व अग्निशमन यंत्रों तक का अभाव है। कोचिंग पढ़ने आने वाले बच्चे अपनी साइकिलें व स्कूटी रास्ते किनारे खड़ी कर देते हैं। जिससे आम जनमानस को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कुछ ऐसा ही हाल सुमेरपुर कस्बे का है यहां पर सिर्फ एक कोचिंग सेंटर पंजीकृत है जबकि एक दर्जन से अधिक कोचिंग सेंटरों का संचालन हो रहा है। उधर...