लखनऊ, जुलाई 21 -- सुशील सिंह, कार्यालय संवाददाता, लखनऊ। हर साल सत्र शुरू होने पर अधिकारी बच्चों को मुफ्त किताबें मुहैया कराने का दावा करते हैं, लेकिन माध्यमिक स्कूलों में हकीकत इसके उलट है। नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए 111 दिन बीत चुके हैं, फिर भी यूपी बोर्ड के सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के बस्ते अब भी खाली हैं। सरकारी किताबें न मिलने से हजारों बच्चों की पढ़ाई पर संकट गहरा गया है। इन विद्यालयों को किताबें उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है। प्रधानाध्यापकों की शिकायत पर डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों से एक निर्धारित प्रारूप में नामांकित बच्चों के सापेक्ष प्राप्त और अप्राप्त किताबों का ब्योरा मांगा है। माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों में एक अप्रैल को नया सत्र शुरू हुआ था। जुलाई की 20 तारी...