लखनऊ, जुलाई 4 -- राजकीय माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों को गलत ढंग से सरप्लस घोषित कर तबादले किए जाने को लेकर विरोध तेज हो गया है। राजकीय शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश ने शिक्षकों के पर्याप्त स्वीकृत पद व छात्र संख्या होने के बावजूद भी शिक्षकों को सरप्लस बताकर किए गए स्थानांतरण पर आपत्ति जताई है। संघ ने माध्यमिक शिक्षा विभाग से स्थानांतरण आदेश निरस्त करने की मांग की है।संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सत्य शंकर मिश्रा व प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडये ने कहा कि स्थानांतरण नीति 2017 की गलत व्याख्या की गई है। कई विद्यालयों में जहां शिक्षकों को भेजा जा रहा है, वहां छात्र संख्या शून्य है और उस विषय का पद भी नहीं है। यह भी पढ़ें- सरप्लस के नाम पर शिक्षकों के उत्पीड़न का आरोप प्रयागराज के राजकीय इंटर कॉलेज में वाणिज्य के दो पद स्वीकृत हैं और पर्याप्त छात्र हो...