माधव लाल सिंह का जनता से था सीधा जुड़ाव, निर्दलीय ही जीत जाते थे चुनाव
बोकारो, मई 15 -- बेरमो। गांधी जी के चरण आजादी के पूर्व 28 अप्रैल 1934 में गोमिया की जिस माटी पर पड़े थे, उसी गोमिया के साड़म गांव की माटी पर एक सामंत परिवार में महादेव लाल सिंह व माता शारदा देवी के घर 12 जनवरी 1944 में पैदा हुए माधव लाल सिंह का राजनीतिक जीवन एक मिथक के समान है। अपनी लोकप्रियता के कारण गोमिया विधानसभा से चार बार विधायक, बिहार व झारखण्ड सरकार में मंत्री रह चुके माधव बाबू जनसेवा, ईमानदारी और स्पष्टवादिता की मिसाल थे। जिन्होंने सत्ता में रह कर धन नहीं कमाया किंतु गोमिया की जनता का प्यार का मेवा अवश्य कमाया। धर्म-परायणता के साथ ही सादा जीवन-उच्च विचार के गुण आरंभ से ही इनमें विद्यमान थे, जो इनके राजनीतिक जीवन में मददगार बने। आज के मंत्री-विधायक, नेताओं और युवा पीढ़ी के लिए माधव बाबू जो संदेश छोड़कर गए हैं, झारखण्ड के राजनेताओ ...
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