रांची, अप्रैल 25 -- रांची, विशेष संवाददाता। मादक पदार्थ रखने के आरोप में हाईकोर्ट ने देवेंद्र मुंडा की याचिका शनिवार को खारिज कर दी। अदालत ने उनके खिलाफ जारी डिटेंशन आदेश को वैध ठहराते हुए उसमें हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि प्रार्थी लगातार मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों में संलिप्त रहा है और समाज के लिए खतरा बन चुका है। ऐसे में प्रशासन द्वारा सार्वजनिक व्यवस्था और समाज की सुरक्षा के लिए लिया गया निर्णय उचित है। देवेंद्र के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में कई मामले दर्ज हैं। 2018 में रामगढ़ के एक मामले में उसे दोषी ठहराया गया था और 10 वर्ष की सजा हुई थी। बाद में जमानत मिलने पर 2024 में चतरा जिले के पत्थलगड्डा क्षेत्र में उसे 2.2 किलो अफीम के साथ दोबारा गिरफ्तार किया गया।इन मामलों को आध...