नई दिल्ली, दिसम्बर 24 -- सनातन धर्म में मंत्र का काफी ज्यादा महत्व होता है। कहा जाता है कि मंत्रों के उच्चारण में बहुत अधिक सकारात्मक ऊर्जा होती है, जिसके जाप से कई तरह की परेशानियां खत्म हो जाती है। मंत्रों का उपयोग हिंदू धर्म में आध्यात्मिक और अनुष्ठान अभ्यास में किया जाता है। मंत्रों का प्रयोग अलग-अलग कार्यों के लिए किया जाता है। तिलक लगाते वक्त भी मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। माथा, गला समेत शरीर के कई हिस्सों में तिलक लगाया जाता है। ऐसे में हर अंग पर तिलक लगाते वक्त अलग-अलग मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। चलिए जानते हैं कि शरीर के अलग-अलग अंगों पर तिलक लगाते वक्त कौन से मंत्र पढ़ने चाहिए।तिलक लगाने का मंत्र- किसी भी पूजा में माथे पर तिलक लगाने के लिए एक विशेष मंत्र का प्रयोग किया जाता है, जो इस प्रकार है - ॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृद...