देवरिया, मार्च 20 -- देवरिया, निज संवाददाता। जिले में खून का सौंदा होता रहा और इसकी भनक भी स्वास्थ्य विभाग को नहीं लगी। मात्र 1500 रुपये में किशोरों के एक यूनिट खून का सौदा किया गया। एसपी की चौखट तक शिकायत पहुंची तो मामले की जांच हुई। जांच में किशोरों के खून निकालने व गलत नाम अपने रजिस्टर में दर्ज करने की पुष्टि हुई। दो कर्मचारी जेल भेज दिए गए। अब जिला प्रशासन ब्लड बैंक पर बडी कार्रवाई की तैयारी में है। जानकारों का कहना है कि अगर स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन ने प्रकरण की ठीक से जांच कराई तो कई और बड़े मामले सामने आएंगे।शहर के एक मोहल्ले के रहने वाली महिला ने एसपी संजीव सुमन से शिकायत की। उसने आरोप लगाया कि उसके बेटे का असलहे के बल पर कुछ नशेडियों ने अपहरण किया और 21 फरवरी को सोनूघाट स्थित एक ब्लड बैक में पहुंच कर खून निकलवा कर बेच दिय...