बुलंदशहर, अक्टूबर 6 -- जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर सामने आई स्वास्थ्य रिपोर्ट के आंकड़े राहत के साथ-साथ चिंता भी बढ़ा रहे हैं। एक ओर जहां गर्भवती महिलाओं में पहली तिमाही के दौरान जांच (एएनसी) और टिटनेस टीकाकरण को लेकर जागरूकता बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर एनीमिया की रोकथाम के लिए जरूरी आयरन और फोलिक एसिड की गोलियों के नियमित सेवन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। एनएफएचएस-6 की रिपोर्ट के अनुसार जिले में गर्भावस्था की पहली तिमाही (शुरुआती तीन माह) में प्रसव पूर्व जांच कराने वाली महिलाओं का आंकड़ा 67.6 फीसदी से बढ़कर 78.3 फीसदी पर पहुंच गया है। कम से कम एक बार प्रसव पूर्व जांच कराने वाली गर्भवती महिलाओं की संख्या 97.0 प्रतिशत से बढ़कर 98.9 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, तय मानकों के अनुरूप कम से कम चार बार जांच कराने वाली महिलाओं का अनुपा...