मुरादाबाद, अक्टूबर 7 -- मुरादाबाद। गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) पर सरकार की तरफ से बढ़ाए गए विशेष फोकस के बीच प्रदेश में मातृ मृत्यु दर के आंकड़े में बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। जिसे चिंताजनक और गंभीर स्थिति मानते हुए शासन ने इसकी रोकथाम के लिए गंभीरता से कार्रवाई शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की प्रदेश स्तर पर आयोजित हुई कार्यशाला में इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए गए। आगरा में हुई कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग को जारी आदेश में कहा गया कि प्रत्येक जिले में मातृ मृत्यु का कोई मामला सामने आते ही चौबीस घंटे के भीतर डेथ ऑडिट कराया जाए। जिसमें मृत्यु के कारण की पड़ताल करके मौत के कारणों को खत्म करने पर फोकस किया जाए। डेथ ऑडिट करने के लिए सिर्फ एमबीबीएस या उसके समकक्ष चिकित्सक को ही भेजा जाए। राज्य स्तरीय कार्यशाला में स्वास्थ्य...