प्रयागराज, दिसम्बर 11 -- एनसीजेडसीसी के प्रेक्षागृह में गुरुवार को प्रवीण स्मृति नाट्योत्सव का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर कथाकार शिवमूर्ति की मूल कहानी पर केंद्रित नाटक कुच्ची का मंचन किया गया। बिजेन्द्र कुमार टॉक के निर्देशन में मंचित नाटक में दिखाया गया कि विधवा कुच्ची अपनी मर्जी से मातृत्व स्वीकार करने के अधिकार के लिए पूरे गांव और पंचायत के विरोध के सामने डटकर खड़ी होती है। बिना पुनर्विवाह के गर्भ धारण करने पर उसे अवैध ठहराने की कोशिश की जाती है, पर कुच्ची अपने होने वाले बच्चे और अपनी कोख के हक में आवाज बुलंद करती है। कथानक के अनुसार, जिजीविषा, साहस और समाज की पुरुषवादी मानसिकता को चुनौती देने का रूप दर्शकों को भावुक करने के साथ सोचने पर भी मजबूर करता रहा। नायक का यह कथन कि जब मेरी भूख गांव की भूख नहीं बनती. तो मेरे किए किसी काम से पूरे ...