देवघर, मार्च 13 -- पालोजोरी प्रतिनिधि ब्लॉक रोड स्थित लखी मंदिर परिसर में श्रीराम कथा के पांचवें दिन कथावाचक कुलदीप कृष्ण महाराज ने तुलसीकृत रामायण जी के सीता स्वयंवर राम सीता विवाह और परशुराम लक्ष्मण संवाद का वर्णन किया, जिसे सुन भक्तगण भाव-विभोर हो उठे। कथावाचक ने कथा में बताया कि जनक जी ने अपनी बेटी सीता के विवाह के लिए धनुष यज्ञ का आयोजन रखा तो उसमें देश-विदेश के दूर-दूर से करीब 10 हजार राजा महाराजा शिव के धनुष को तोड़ने के लिए स्वयंवर में पहुंचे थे। रावण और बाणासुर जैसे महायोद्धा भी सीता जी से विवाह करने के लिए पूरी ताकत के साथ धनुष को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन धनुष तोड़ने की बात तो दूर बड़े-बड़े राजा महाराजा धनुष को हिला नहीं सके। उन्होंने कथा सुनाते हुए आगे कहा कि गुरु विश्वमित्र के साथ दोनों राजकुमार राम व लक्ष्मण बैठे होते हैं। व...