शाहजहांपुर, मार्च 3 -- मुमुक्षु आश्रम में चल रही श्रीराम कथा के समापन दिवस पर कथा व्यास विजय कौशल जी महाराज ने प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा पंडाल में उपस्थित हजारों श्रद्धालु इस दिव्य प्रसंग को सुन भावविभोर हो उठे। कथाव्यास ने बताया कि जब भगवान श्रीराम ने शिवधनुष भंग किया तो स्वयंवर सभा में उपस्थित राजाओं में हाहाकार मच गया। मलय पर्वत पर तपस्या कर रहे परशुराम को जब यह समाचार मिला तो वे क्रोधित अवस्था में सभा में पहुंचे। हाथ में फरसा और नेत्रों में तेज लिए परशुराम ने पूरी सभा को ललकारा। जनक जी के निवेदन और विश्वामित्र जी के संकेत पर राम और लक्ष्मण ने उन्हें प्रणाम किया, किंतु परशुराम का क्रोध शांत नहीं हुआ। श्रीराम ने अत्यंत विनम्रता से धनुष भंग की बात कही, वहीं लक्ष्मण के व्यंग्यपूर्ण उत्तरों से व...