वाराणसी, मई 7 -- वाराणसी। काशी में ज्येष्ठ माह के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि पर 10 मई को श्री शीतलाष्टमी पर्व मनाया जाएगा। मान्यता है कि विधि-विधान से देवी माता का व्रत रखने से आरोग्य होने का आशीर्वाद मिलता है। मुख्य रूप से माताएं अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उनकी दीर्घायु की कामना के लिए व्रत रखती हैं।
अष्टमी तिथि का महत्व नौ मई को अष्टमी तिथि दिन में दो बजकर चार मिनट पर लगेगी। यह अगले दिन 10 मई को दोपहर तीन बजकर सात मिनट तक रहेगी। धनिष्ठा नक्षत्र में इसका विशेष महत्व है। नौ मई की रात 11.25 बजे धनिष्ठा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। यह 10 मई की रात 12.50 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. विकास शास्त्री ने बताया कि प्रत्येक वर्ष वैशाख, ज्येष्ठ और आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर माता शीतला की पूजा-अर्चना का विशेष महात्म्य है।
माता शीत...
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