औरैया, मई 23 -- कंचौसी, संवाददाता। कंचौसी क्षेत्र के घसापुरवा गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को कथा व्यास आचार्य सतीश भाई जी ने धुंधकारी प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने माता-पिता की महिमा बताते हुए कहा कि धरती पर माता-पिता ही साक्षात भगवान का स्वरूप हैं और उनकी सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। कथा व्यास ने कहा कि मंदिर न जाएं तो चल सकता है, कथा न सुनें तो भी क्षम्य है और भजन-कीर्तन न करें तो भी जीवन व्यतीत हो सकता है, लेकिन यदि माता-पिता की सेवा नहीं की तो जीवन का कोई भी पुण्य सफल नहीं माना जाएगा। उन्होंने कहा कि जो संतान अपने माता-पिता को कष्ट देती है, उसे जीवन में कभी वास्तविक सुख और शांति प्राप्त नहीं हो सकती। उन्होंने इकलौते पुत्र वाले परिवारों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे परिवारों में बच्चों को...