माता-पिता सबसे बड़े भगवान : रामकुमार शास्त्री
औरैया, मई 27 -- अछल्दा, संवाददाता। विकास खंड क्षेत्र के नगला कहारन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भक्त प्रह्लाद, राजा बलि एवं समुद्र मंथन की कथा का श्रद्धालुओं ने रसपान किया। कथा के दौरान भगवान वामन अवतार की झांकी भी प्रस्तुत की गई। कथा सुनने के लिए आसपास गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा व्यास आचार्य रामकुमार शास्त्री ने कहा कि जीवन में अच्छे मार्ग पर चलने के लिए संकल्प जरूरी है। हर बच्चे को अपने माता-पिता की बातों का पालन करना चाहिए, क्योंकि माता-पिता ही सबसे बड़े भगवान होते हैं। जिन पर माता-पिता का आशीर्वाद होता है, उन्हें जीवन में सब कुछ प्राप्त होता है।उन्होंने यह भी पढ़ें- प्रह्लाद की कथा बुराई पर अच्छाई और अटूट भक्ति की जीत का प्रतीक: चंदन शरण कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों को धार्मिक कथा, सत्संग और कीर्तन में...
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