कानपुर, जनवरी 7 -- कानपुर। कल्याणपुर खुर्द में चल रही शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस बुधवार को आचार्य योगेश अवस्थी योगीराज महाराज ने कहाकि माता-पिता को जो सन्तान देवतुल्य नहीं समझते, वह निशाचर के समान होते हैं। यह बात पार्वती जी से शंकर जी ने ही कही है। अगर मान सम्मान न हो तो बुलाने पर भी नहीं जाना चाहिए। सती ने भगवान शिव की बात न मानी और अपने पिता के यहां चली गईं। उन्हें अपने प्राण त्यागने पड़े l प्रजापति दक्ष को अपने पद का बहुत बड़ा अभिमान हो गया था। वह शिव की निंदा करता था । इसलिए नंदी बाबा ने उनको श्राप दे दिया था कि तुम शिव की निंदा करते हो, जाओ तुम्हारे बकरे का सर लगेगा। कथा में प्रभा त्रिवेदी, ज्योति त्रिवेदी, गुड़िया, नीतू कटियार, आयुष सिंह, मोनू अवस्थी और पं. शुभम आदि थे।
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