माता-पिता के चरणों में ही सारे तीर्थ : गंगोत्री तिवारी
मुजफ्फर नगर, मई 25 -- मुजफ्फरनगर लक्ष्मण विहार स्थित शिव दुर्गा मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन श्रद्धालु भक्तिरस में डूबे नजर आए। कथा व्यास गंगोत्री तिवारी मृदुल ने कहा कि मानव शरीर की ज्ञान और कर्म इंद्रियां रूप, रस, शब्द, स्पर्श, गन्ध हमेशा हम पर हावी होने का प्रयास करती हैं, जिन्हें नियंत्रण में रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि असली शांति केवल भगवान शिव की शरण में ही है।कथा के दौरान शिव विवाह के बाद माता मैना द्वारा पार्वती जी को दी गई पतिव्रत शिक्षा, कार्तिकेय व गणेश जी के जन्म का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास ने गणेश जी के माता-पिता के प्रति अगाध प्रेम का वर्णन करते हुए कहा कि माता-पिता के चरणों में ही संसार के सभी तीर्थों का वास है। यही कारण था कि गणेश जी ने पूरे ब्रह्माण्ड के बजाय अपने माता-पिता की परिक्रमा कर उन्हें...
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