शामली, जून 17 -- थानाभवन नगर के मुख्य बाजार घंटाघर चौक मार्ग पर स्थित संतोषी माता के मंदिर में श्री सनातन शिव शक्ति हनुमान मंडल के तत्वाधान में आयोजित साप्ताहिक सत्संग में प्रवचन करते हुए कथावाचक राज राजेश्वर महाराज ने कहा माता-पिता केवल जन्मदाता नहीं, बल्कि हमारे जीवन के प्रथम आध्यात्मिक गुरु और साक्षात ईश्वर हैं। वे हमें निस्वार्थ प्रेम, संस्कार और मानवीय मूल्य सिखाकर सही मार्ग दिखाते हैं। उनके प्रति कृतज्ञता और सेवा ही किसी भी व्यक्ति की आध्यात्मिक यात्रा की पहली सीढ़ी होती है।

माता-पिता का महत्व मातृ देवो भव, पितृ देवो भव का श्लोक बताता है कि हमें ईश्वर के दर्शन सबसे पहले अपने माता-पिता में ही करने चाहिए। जो व्यक्ति अपने माता-पिता के प्रति निष्ठावान नहीं है, उसके हृदय में धर्म या आध्यात्मिकता का उदय नहीं हो सकता। माता-पिता का प्रेम ब...