गोपालगंज, मार्च 28 -- बैकुंठपुर, एक संवाददाता। प्रखंड के दक्षिण बनकटी गांव स्थित प्राचीन बुढ़िया माई मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का शुक्रवार की रात विधिवत समापन हो गया। समापन अवसर पर कथा वाचिका ममता पाठक ने अपने प्रवचन से श्रद्धालुओं को संवेदित कर दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा करना ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है। यदि कोई व्यक्ति अपने माता-पिता की सेवा नहीं करता और केवल मंदिरों में पूजा-अर्चना करता है, तो उसे पूर्ण पुण्य की प्राप्ति नहीं हो सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि माता-पिता ही संतान के लिए प्रथम देवता होते हैं, उनके बाद ही अन्य देवी-देवताओं की पूजा का महत्व है। ममता पाठक ने कहा कि यदि संतान के व्यवहार से माता-पिता संतुष्ट नहीं हैं, तो बड़े से बड़ा धार्मिक कार्य भी अधूरा माना जाता है। ऐसे में...