बाराबंकी, मार्च 8 -- रामसनेहीघाट। माता-पिता साक्षात ईश्वर का दूसरा रूप हैं। उनकी सेवा और सम्मान करने से ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में मनोवांछित फल मिलता है। यह बात प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने रामसनेहीघाट क्षेत्र के कंधईपुर स्थित हंस मन सुमन आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में कही।आश्रम में ब्रह्मलीन संत हंस मन सुमन संत की पुण्यतिथि के अवसर पर रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा-भाव से पाठ में भाग लिया। पाठ के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर उपस्थित पूर्व सांसद विनय कटियार ने आश्रम और आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने लोगों...