माता पिता की वार्षिक आय 11 लाख से अधिक, बेटी का बन गया ईडब्लूएस
बांदा, जून 22 -- बांदा। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बनाया गया इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन(ईडब्लूएस) के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में एक छात्रा ने माता-पिता दोनों के सरकारी नौकरी में 11.08 लाख वार्षिक आय होते हुए, 60 हजार वार्षिक आय दिखा फर्जी ईडब्ल्यूएस बनवाकर दाखिला ले लिया। दो वर्ष तक करीब 80 हजार रुपये शुल्क प्रतिपूर्ति भी ली। प्रशासन की जांच में ईडब्ल्यूएस व आय प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया, जिसे तहसील ने निरस्त कर दिया है। समाज कल्याण निदेशक के निर्देश पर विभाग ने कुल सचिव को पत्र भेज छात्रा के अपात्र होने की स्थिति में रिकवरी कराने का अनुरोध किया था। करीब चार माह बाद भी अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। यह खुलासा एक छात्र की शिकायत के बाद जांच में हुआ है।
मामले का विवरण मऊ ...
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