मुजफ्फर नगर, जुलाई 18 -- पुरकाजी हरिद्वार से 21 किलो गंगाजल लेकर पैदल यात्रा कर रहे 11 वर्षीय कार्तिक की कहानी हर किसी की आंखें नम कर रही है। कार्तिक ने बताया कि जब वह तीन साल का था, तब घर में सिलेंडर फटने से उसकी मां की मौत हो गई थी। इसके बाद उसके पिता ने ही उसका पालन-पोषण किया, लेकिन करीब डेढ़ वर्ष पहले हार्ट अटैक से उनका भी निधन हो गया। माता-पिता की स्मृति में कार्तिक ने 9 जुलाई को हरिद्वार की हर की पौड़ी से 21 किलो गंगाजल उठाया। वह 11 अगस्त को दिल्ली के त्रिलोकपुरी स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक ने बताया कि वर्तमान में वह एक दुकान पर रहकर जीवनयापन करता है। यह भी पढ़ें- शादी की मन्नत लेकर 71 लीटर गंगाजल ला रहे पांच अविवाहित कांवड़िए दुकानदार की मदद से यात्रा का खर्च जुटाकर वह अकेले ही कांवड़ यात्रा पर निकला है। उसने कहा कि माता-पिता की या...