गोरखपुर, मई 4 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। जामिया अल इस्लाह एकेडमी नौरंगाबाद, गोरखनाथ में दीनी बाल संगोष्ठी हुई। मुख्य वक्ता वरिष्ठ शिक्षक अली अहमद ने कहा कि माता-पिता का आज्ञाकारी होना दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाबी की कुंजी है। यह न केवल अल्लाह की प्रसन्नता का मार्ग है, बल्कि बुढ़ापे में उनकी सेवा करना, प्यार से बात करना और उनकी जरूरतों का ख्याल रखना औलाद का परम कर्तव्य है। जो माता-पिता की आज्ञा मानते हैं, वे जीवन में सुख और बरकत पाते हैं। हमें माता-पिता के सामने ऊंची आवाज में नहीं बोलना चाहिए और उनकी बात ध्यान से सुननी चाहिए। विशिष्ट वक्ता आसिफ महमूद व मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि माता-पिता का फरमाबरदार होना किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी खुशकिस्मती और कामयाबी की निशानी है। जो संतान मां-बाप की सेवा करती है, वह दुनिया और परलोक दोनो...