नई दिल्ली, अक्टूबर 17 -- माता काली और मां कालरात्रि, दोनों को आदिशक्ति का उग्र स्वरूप माना जाता है। इनके रूप में भले ही कुछ समानताएं दिखाई देती हों, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में दोनों की अलग पहचान है। माता काली दस महाविद्याओं में प्रमुख हैं, जबकि मां कालरात्रि नवदुर्गा का सातवां स्वरूप हैं। इनके स्वरूप, वाहन, हाथों में मौजूद अस्त्र-शस्त्र और पूजा के तरीके में कई अंतर बताए गए हैं। आइए जानते हैं इन दोनों देवियों से जुड़ी सात खास बातें।माता काली और कालरात्रि का स्वरूप माता काली को दस महाविद्याओं में प्रथम स्थान दिया गया है। तंत्र साधना में उनका विशेष महत्व है। उन्हें समय, शक्ति और अज्ञान के विनाश से जोड़कर देखा जाता है। वहीं मां कालरात्रि देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में सातवें स्थान पर हैं। नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर उनकी पूजा की जाती है। उन्ह...