उरई, नवम्बर 30 -- सिरसाकलार। छठवें दिन रविवार को रामलीला मैदान में चल रही भागवत कथा में पंडित सतीश अवस्थी ने माखन चोरी और गोवर्धन पूजा की कथा का वर्णन किया। जिसे सुनकर श्रोता भाव विभोर होकर पंडाल में जय श्रीकृष्णा के जयकारों की गूंज शुरू हो गई। पंडित सतीश अवस्थी ने कहा कि कृष्ण ने ब्रजवासियो को मूसलाधार बारिश से बचाने के लिये गोवर्धन पर्वत को सात दिन तक अपनी छोटी ऊँगली पर धारण किया। श्रीकृष्ण ने सात दिनों के बाद पर्वत को नीचे रखकर हर वर्ष गोवर्धन पूजा करके अन्नकूट उत्सव मनाने की आज्ञा दी तभी से यह उत्सव अन्नकूट के नाम से मनाया जाता है। इसके बाद पंडित सतीश अवस्थी ने भगवान की माखन चोरी लीला का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण जब थोड़े बड़े हुए तो ब्रज के बाहर मित्र मंडली बन गई अपने सखाओ के साथ मिल कर माखन चोरी की लीला करने लगे इसस...
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