मां 1.5 लाख कमाती है तो क्या हुआ, SC बोला- पिता को हर माह बेटियों को देने होंगे 60 हजार
नई दिल्ली।, अगस्त 21 -- सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी बच्चे की मां वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर है तो केवल यही आधार पिता के भरण-पोषण के दायित्व को कम करने के लिए काफी नहीं है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसने पिता द्वारा दिए जाने वाले मासिक भरण-पोषण को आधा कर दिया था। देश की सर्वोच्च अदालत ने दो नाबालिग बेटियों के लिए फैमिली कोर्ट द्वारा तय किए गए 60,000 रुपये प्रति माह के अंतरिम भरण-पोषण आदेश को बहाल कर दिया। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि मां एक स्त्री रोग विशेषज्ञ है। स्वयं प्रति माह 1.5 लाख रुपये कमाती है। पिता की देनदारी को 60,000 रुपये से घटाकर 30,000 रुपये कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बच्चों के भ...
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