लखनऊ, दिसम्बर 20 -- लखनऊ, संवाददाता। कानपुर रोड के हिंदनगर स्थित श्री महाकालेश्वर धाम मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीविशाल शिव महापुराण कथा में शुक्रवार को कथाचार्य प्रशांत प्रभु जी महाराज ने माता सती और मां पार्वती की कथा सुनायी। कथाचार्य ने कहा माता सती ने अपने पति भगवान शंकर के सम्मान की रक्षा के लिए अपने जीवन को त्याग दिया। जो आत्मसम्मान और धर्म के शक्तिशाली प्रतीक के रूप में उनकी भूमिका को दर्शाता है। महाराज जी कहा कि बाद में मां सती ने राजा हिमालय के घर माता पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लिया। इस रूप में, उन्होंने शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या किया। इस तरह मां पार्वती धैर्य, तप और करुणा की मूर्ति हैं। यह कथा बताती है कि शक्ति कभी नष्ट नहीं होती, वह केवल रूप बदलती है। कथा में स्थानीय रामलीला कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.