मां-शिशु के जीवन के लिए समय पूर्व प्रसव होना बड़ी चुनौती
बरेली, अगस्त 31 -- समय पूर्व प्रसव (प्रीटर्म बर्थ) और गर्भ की थैली समय से पहले फटने से मां-शिशु की जान को खतरा हो सकता है। ऐसे में चिकित्सकीय देखभाल अहम हो जाती है। रविवार को समय पूर्व प्रसव की जटिलताओं के प्रबंधन पर क्लीनिक कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। अर्ली बर्थ केयर (प्रीटर्म लेबर) विषय पर आयोजित सीएमई में देश के अलग-अलग शहरों और संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने चिकित्सकों को आधुनिक उपचार और प्रबंधन की जानकारी दी। कांफ्रेंस का शुभारंभ बरेली ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी (बीओजीएस) की अध्यक्ष डॉ. लतिका अग्रवाल के संबोधन से हुआ। उन्होंने समय से पहले प्रसव को मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए चिकित्सकों से नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों से लगातार अपडेट रहने की जरूरत बताई। बीओजीएस सचिव डॉ. अनीता नाथ ने कार्यक्रम का संचाल...
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