सहारनपुर, मार्च 16 -- सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर आयोजित श्री शाकंभरी देवी चरित्र महिमा कथा के तीसरे दिन कथा व्यास स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने मां की महिमा बताते हुए कहा कि राक्षसों के अत्याचार से व्याकुल हुए देवताओं की करुण पुकार से मां शाकंभरी देवी ने रक्तबीज राक्षक का वध कर देवताओं की रक्षा की थी। श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वाधान में आयोजित 900 फुट चुनरी अर्पण अखंड भंडारा एवं मां शाकुंभरी देवी चरित्र महिमा कथा में सोमवार को दूर दराज से श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं को मां की महिमा बताते हुए कथा व्यास ने कहा कि जब देवताओं का पुण्य कम होने पर जब पराजय हो गई तो रक्तबीज जैसा दानव देवताओं का वध करने के लिए शिवालिक पहाड़ियों में आ गया था। देवताओं की करुण पुकार पर माता ने प्रकट होकर राक्षक रक्तबीज का वध किया और ...
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