गाजीपुर, मार्च 20 -- गाजीपुर, हिन्दुस्तान टीम। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की भक्तों ने पूजा की। सुबह से ही श्रद्धालु स्नान-ध्यान के बाद मां की भक्ति में लीन नजर आए। मां कामाख्या धाम, कष्टहरिणी भवानी, सायर माता मंदिर समेत जिले के प्रमुख मंदिरों में भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवा कर परिवार की मंगल कामना की। मंदिरों में भीड़ को देखते हुए पुलिस भी तैनात रही। नवरात्र में मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप का विशेष महत्व माना जाता है और माता अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसाती हैं। मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप तप, संयम और साधना का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में 'ब्रह्म' का अर्थ तपस्या से है और 'ब्रह्मचारिणी' का अर्थ है तप का आचरण करने वाली देवी। मां का यह स्वरूप साधकों को आत्मसंयम और धैर्य का संदेश देता ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.