मां-बेटे समेत 4 की एक साथ जली चिताएं, हर आंख से छलके आंसू, कार-डीसीएम की टक्कर में गई थी जान
संवाददाता, मई 16 -- माबुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में चार मौतों के बाद शव पहुंचने पर कोहराम मच गया। चारों शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। चार शव एक साथ निकलने पर लोग अपने आंसू नहीं रोक पाएं। व्यापारी, नगर पंवायत सभासद सहित क्रशर व्यापारी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए लोगों के घर पहुंचनें का सिलसिला दिन भर चलता रहा। परिजनों की चीखों से आस पास के लोग सहम गए। आजमगढ़ के जीयनपुर थाना क्षेत्र के रामगढ़ निवासी रामविनय विश्वकर्मा 25 साल पूर्व परिवार के साथ कबरई शिफ्ट हो गया था और पत्थर उद्योग नगरी में पहली कंप्रेशर मशीन और प्रेशर ट्रैक्टर-ट्राली बनाने का काम शुरु किया था।कार और डीसीएम की टक्कर, 4 की मौत रामविनय की मौत के बाद उसके पुत्र अजीत ने यह काम शुरु कर दिया था। अजीत विश्वकर्मा अपनी मां 50 वर्षीय प...
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