लखनऊ, फरवरी 25 -- श्री रंग कला सेवा संस्थान की ओर से विजय तेन्दुलकर के दो लोकप्रिय नाटक 'गिद्ध' और 'फुटपाथ' का सम्राट का मंचन किया गया। राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंचित नाटकों का निर्देशन रुचिका ने किया। नाटक गिद्ध ऐसे अभिशप्त इंसानों की कहानी है जो अपनी गिद्ध मनोवृत्ति में आपात-मस्तक लिप्त हैं। या यों समझिए इंसानी लिबास पहने वे सब के सब शापभ्रष्ट गिद्ध हैं। कहानी एक ऐसे ही घर की है। जहां रमाकांत और उमाकांत गिद्ध-दृष्टि से अपने पिता की दौलत देखते हैं और वे उम्मीद करते हैं कि कब उनकी मौत हो और सारी दौलत उनकी हो जाए। वे दौलत पाने के नशे में इतने लीन हो जाते हैं कि आपस के रिश्ते और रिश्तेदारों को परेशान करना शुरू कर देते है। वहीं नाटक फुटपाथ का सम्राट में फुटपाथ पर अपनी जिंदगी गुजार रहे लोगों की आप बीती, उनकी ख्वाहिशें और उनका दर्द अच्छे...