नई दिल्ली, जुलाई 11 -- "मेरी मां ने मेरे अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी थी।" किसी शख्स के मुंह से यह कहना कितना कष्टदायी होता होगा, हम इसकी कल्पना भी नहीं सकते। हाल ही में फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर अपनी यह कहानी सुनाई है नॉर्वे के हेड कोच स्टाले सोलबैकेन ने। अमेरिका में खेले जा रहे फीफा वर्ल्ड कप में पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील को हराकर नॉर्वे की टीम पहली बार क्वार्टरफाइनल में पहुंच गई है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद जब कोच सोलबैकेन जब अपने परिवार से मिले, तो वो भयावह पल याद आ गए जब वो लगभग इस दुनिया को ही अलविदा कह चुके थे। लगभग 25 साल पहले मौत सोलबैकेन के सिरहाने खड़ी थी। लेकिन आखिरकार जीत हौसलों की हुई। साल था 2001, तारीख 13 मार्च। 33 साल के सोलबैकेन उस समय एक शानदार मिडफील्डर थे और डेनिश क्लब एफसी कोपेनहेगन के लिए खेलते थे। ट्रे...