रांची, अप्रैल 24 -- रांची, विशेष संवाददाता। रामगढ़ स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण से जुड़े अवमानना मामले में झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने हटाए गए दुकानदारों के स्थायी पुनर्वास, भैरवी नदी के डेंजर जोन में बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं के लिए अस्पताल निर्माण पर कदम उठाने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान पर्यटन सचिव और रामगढ़ के उपायुक्त अदालत में उपस्थित थे। सुनवाई के दौरान रामगढ़ डीसी ने अदालत को बताया कि मंदिर परिसर से हटाए गए 254 वेंडरों को मंदिर के निकट पुनर्वासित करने के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है। यह भी पढ़ें- हाईकोर्ट का आदेश- 15 दिनों में वकीलों के लिए करें पार्किंग का इंतजाम इस पर अदालत ने मौखिक कहा कि दुकानदारों के लिए स्थायी दुकानें ब...