मां कोई रिश्ता नहीं, एक एहसास है: मुनि श्री
कोडरमा, मई 9 -- झुमरी तिलैया निज प्रतिनिधि। मुनि श्री 108 धर्म सागर जी महाराज व मुनि श्री 108 भाव सागर जी महाराज के सान्निध्य में 9 मई को प्रातः श्री दिगंबर जैन नया मंदिर, झुमरी तिलैया में विशेष श्री जी की बड़ी प्रतिमा पर अभिषेक और शांतिधारा गुरु मुख से किया गया। इसके बाद पूजन की क्रियाएं संपन्न हुई,इसके बाद समाज के लोगों को गुरु के हाथों में शास्त्र अर्पण का सौभाग्य प्राप्त किया। इस अवसर पर मुनि श्री 108 भावसागर जी महाराज ने कहा कि मां ही बच्चों को अच्छे संस्कार दे सकती है। माता मित्र हैं वे एक हित चिंतक कल्याण मित्र है, जो संतानों को दोषों से बचाती हैं। यह भी पढ़ें- -मातृ दिवस केवल एक उत्सव नहीं बल्कि माँ के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर : मां जीवन भर गरीबी में रहकर अपने बच्चों को पढ़ाती है अपने से अच्छा बनाती है। मां भूखी ...
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