बरेली, मार्च 24 -- गर्भवतियों के साथ ही हाइपरटेंशन, पोस्टपार्टम हेमरेज और कार्डिक अरेस्ट नवजात की जान पर खतरा बन गए हैं। जिले में बीते साल अप्रैल से फरवरी तक 24 मातृ मृत्यु के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। दुखद यह है कि इसमें 12 नवजात की भी जान नहीं बचाई जा सकी। हाइपरटेंशन के चलते 5 गर्भवतियों की मौत हो चुकी है। चिंताजनक बात यह है कि सभी मामले में शिशुओं की भी मौत हो गई। मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग गर्भवतियों की नियमित जांच का अभियान चला रहा है। जिले में मातृ मृत्यु दर में प्रभावी कमी भी आई है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अब भी पोस्टपार्टम हेमरेज (अधिक रक्तस्राव), हाइपरटेंशन, कार्डिक अरेस्ट, एनीमिया जान खतरे में डाल रहा है। साथ ही गर्भस्थ शिशु की जान भी संकट में पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से फरवरी ...