वाराणसी, अप्रैल 2 -- वाराणसी। बीएचयू अनुप्रयुक्त कला विभाग के विभागाध्यक्ष आचार्य मनीष अरोड़ा ने मंगलवार को लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में व्याख्यान दिया। उन्होंने एआई युग में कला शिक्षा के बदलते स्वरूप पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कला शिक्षा केवल तकनीकी दक्षता तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि विद्यार्थियों को डेटा-आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अनुभव व संवेदनाओं पर आधारित 'मदर इंटेलिजेंस' के बीच संतुलन स्थापित करना होगा। उन्होंने भावनात्मक उदाहरण देते हुए कहा, एआई के पास डेटा है, लेकिन मां के पास अनुभव और प्रेम है, जिसका कोई एल्गोरिदम नहीं होता। उन्होंने चिंता जताई कि आज कई विद्यार्थी एआई का दुरुपयोग 'डिजिटल नकल' के रूप में कर रहे हैं।

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