मां के दूध का दुनिया में कोई विकल्प नहीं
नई दिल्ली, जुलाई 31 -- प्रसव के तुरंत बाद नवजात को सर्वप्रथम जो चीज चाहिए, वह है मां का दूध। यह शिशु के जीवन का आधार होता है। इसीलिए जन्म से छह महीने तक शिशु को स्तनपान कराने की सलाह डॉक्टर व स्वास्थ्य-विशेषज्ञ देते हैं। देखा जाए, तो स्तनपान केवल शिशु को पोषण देने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह मां और बच्चे के बीच एक गहरे भावनात्मक संबंध का आधार भी है। आधुनिक समय में विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में काफी प्रगति होने के बावजूद तमाम अध्ययन यही बताते हैं कि नवजात शिशु के लिए मां का दूध सर्वोत्तम आहार है। स्तनपान का सबसे बड़ा लाभ यह है कि मां का दूध शिशु की आवश्यकताओं के अनुसार प्राकृतिक रूप से तैयार होता है। इसमें पाई जाने वाली प्रतिरोधी क्षमता शिशु को कई प्रकार के संक्रमणों व संक्रामक रोगों से बचाती है। आधुनिक जीवनशैली में जहां प्रदूषण और...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.