चंदौली, मार्च 3 -- चंदौली, संवाददाता। मां के कदमों में जन्नत है और बाप जन्नत की सीढ़ी है। जिसने अपने मां-बाप को राजी कर लिया। उसकी दुनियां में हर मुश्किल आसान हो जाएगी। साथ ही उसका आखिरत में भी बेड़ा पार हो जाएगा। जो इंसान अपने मां-बाप का दिल दुखाया। उसकी आखिरत भी बिगड़ जाएगी और दुनियां में भी हर जगह उसको असफलता हाथ लगेगी। यह बातें माह-ए-रमजान के दूसरे अशरे में सोमवार को मुख्यालय स्थित मदरसे में हदीस बयान करते हुए कारी अली अहमद ने कही। उन्होंने हदीस के हवाले से रमजान माह की फजीलत भी बयान किया। उन्होंने कहा कि मां-बाप को जो शख्स राजी कर लिया। उससे अल्लाह राजी हो जाता है। इससे अपनी मां-बाप की नाफरमानी कभी नहीं करनी चाहिए। मां-बाप की नाफरमानी करने वाले हमेशा परेशानहाल रहते हैं। इसलिए मां-बाप की हमेशा सेवा करनी चाहिए। उनसे ऊंची आवाज में बात न...