पाकुड़, अक्टूबर 13 -- प्रखंड मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर झारखंड और पश्चिम बंगाल सीमा से सटे कनकपुर गांव में स्थित मां अपराजिता का मंदिर सभी वर्गों के लोगों के लिए अटूट आस्था व श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। कनकपुर को तारापीठ, अटला, वीरचंद्रपुर, नलहटेश्वरी आदि तीर्थ स्थलों से जोड़ कर देखा जाता है। कई राज्यों से लोग इस पूजा स्थल पर आते हैं। लोगों के लिए यह तीर्थ स्थल, कई संतों और महापुरुषों की जन्मस्थली और कर्मभूमि के रूप में कनकपुर को जाना जाता है। प्राचीन विरासत वाले इस जिले में लवपुर की फुल्लरा देवी, सैंथिया की नंदीकेश्वरी, बकेश्वर नलहट्टी की नलहटेश्वरी देवी और सिद्धपीठ तारा मां जैसे मंदिर प्राचीन पुराणों के महानतम स्थान और कई लोगों के लिए तीर्थ स्थान है। कनकपुर का अपराजिता मंदिर भी पुण्य भूमि है। देवी अपराजिता को सती की पवित्र स्मृति...
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