मां के इंतज़ार में पथरा गईं मासूमों की आंखें, कोसी की लहरों में खोई सविता का महीने भर बाद भी सुराग नहीं
खगडि़या, मई 22 -- खगड़िया। एक प्रतिनिधि मम्मी कब आएगी? यह वह सवाल है जिसका जवाब आज एक बेबस पिता के पास नहीं है। मां की राह तकते-तकते चार मासूम बच्चों की आंखों के आंसू तक सूख चुके हैं। पारिवारिक कलह की एक आत्मघाती चिंगारी ने हंसते-खेलते परिवार को ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां सिर्फ अंतहीन इंतज़ार और सन्नाटा पसरा है। खगड़िया के वीरवास कपसिया पीपा पुल से कोसी नदी की तेज़ धार में छलांग लगाने वाली 30 वर्षीय सविता देवी का एक महीना बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है。
क्या हुआ था उस बदनसीब दिन: घटना वाले दिन गत 23 अप्रैल को बड़ी पैकांत गांव के वार्ड संख्या 10 के निवासी सिंटू कुमार की पत्नी सविता देवी का अपने पति से मोबाइल पर किसी बात को लेकर तीखा झगड़ा हुआ था। घरेलू कलह से आहत होकर सविता पीपा पुल पर पहुंची। उसने नदी में कूदने से पहल...
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