सहरसा, मार्च 23 -- सहरसा। गायत्री शक्तिपीठ में नवरात्र के चतुर्थ दिवस पर आदि शक्ति मां कुष्मांडा का विधि-विधान पूर्वक पूजन हुआ। पूजन के क्रम में डाक्टर अरुण कुमार जायसवाल ने कहा-माता कुष्मांडा के पूजन से समस्त विघ्नो का नाश होता है। वहीं निर्णय क्षमता का विकास होता है। उनके आराधना से ईर्ष्या से उदारता की ओर तथा लोभ से संतोष की ओरउर्जा का गमन होता है। लोभ ,और मोह का नाश होता है। दिव्य तेज की प्राप्ति होती है। परम तेज की प्राप्ति होती है। पूजन का कर्मकांड शक्तिपीठ की देव कान्या ने करवाई। कर्मकांड के मुख्य यजमान आनंद चेतन सपत्नी थे।इस अवसर पर विभिन्न संस्कार हुए यथा-पूंसवन संस्कार, विद्यारम्भ संस्कार, गायत्री मंत्र की दीक्षा संस्कार एवं अन्नप्राशन संस्कार हुए। इससे पूर्व संध्याकालीन सत्र में भजन, कीर्तन, युग संगीत के साथ साथ मर्यादापुरुषोत्त...